लेखनी कहानी -18-Dec-2021 मेरी डायरी
मेरी डायरी
दिनांक - 18/12/21
दिन - शनिवार
मेरी डायरी के दूसरे भाग में, वर्ष २०२१ जनवरी की कुछ बातें,यू तो अब वर्ष २०२१ के अंतिम पड़ाव में हम सब आ चुके है,पर अपनी डायरी के इस भाग में आज २०२१ जनवरी की कुछ बातों को याद करते हुए लिख रही हूं।
यादें थोड़ी धूमिल सी हो गयी है, परंतु कुछ बातों का जिक्र तो कर ही सकती हूं,तो आइए चलते है मेरी डायरी के इस सफ़र में, साल २०२१ जनवरी अब ग्रेजुएशन पूरी हो चुकी थी, और अब मुझे मास्टर्स में एडमिशन लेना था,मैनें ग्रेजुएशन मनोविज्ञान से किया था, और मैनें जिस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था,वहाँ मनोविज्ञान से मास्टर्स की पढ़ाई नहीं होती थी, और न ही मेरे सहर(गिरिडीह) के किसी और कॉलेज में, तो मैनें सोचा धनबाद में एडमिशन ले लू पर जब मैं वहाँ गयी तो वहां की HOD ने बोला रेगुलर क्लास करना होगा, पर मैं रेगुलर क्लास करने में असमर्थ थी,
क्योंकि मैं एक स्पाइनल इंजरी पेशेंट हूं गर्दन के नीचे का मेरा पूरा शरीर लकवाग्रस्त है,मैनें अपना सर्टिफिकेट भी दिखलाया पर वह नहीं मानी, मैं थोड़ी सी मायूस हो गयी थोड़ा बुरा लगा मुझे पर फिर मैनें सोचा छोड़ो कोई बात नहीं,तब मैनें IGNOU से मास्टर्स करने की प्लानिंग की पर अभी इग्नोउ की एडमिशन स्टार्ट नहीं हुई थी तो मैनें सोचा जब फॉर्म आएगा तो एडमिशन करवा लूँगी।
फिर मैं गिरिडीह आ गयी अपने घर, और फिर से अपने रोज़ के कामों में लग गयी वही अपना डेली का एक्सरसाइज (physiotherapy) करना कविता लिखना कुछ कुछ किताबें पढ़ना फिर से यह सिलसिला चल पड़ा और इस तरह से जनवरी माह कुछ खट्टी-मीठी यादों के साथ बीत गया।
अब फिर मिलते है अपने डायरी के अगले भाग में,फ़रवरी के कुछ यादों के साथ तब तक के लिए अलविदा।😊
🖋️स्वाती चौरसिया
#डायरी
#लेखनी डायरी
PHOENIX
22-Dec-2022 04:37 PM
Although having a spinal injury...your positive thoughts seems here in your writings....keep it up.
Reply
Mukesh Duhan
12-Jan-2022 07:23 PM
Nice ji
Reply
Gunjan Kamal
18-Dec-2021 08:44 PM
शानदार प्रस्तुति 👌
Reply
Swati chourasia
19-Dec-2021 07:39 AM
Thank you ma'am 😊 🙏
Reply